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मोबाइल ने खत्म कर दी अतिथि भाव की परंपरा-जैन मुनि मणिभद्र

आगरा 7 अगस्त। संसार में सबसे दुर्लभ कार्य है निस्वार्थ भावना से दान देना। देने वाला दाता और पाने वाला पाता  होता है। यदि देने वाला अंहकार से भरा हुआ हो और लेने वाला संतुष्ट नहीं हो, उसे लोभ हो तो फिर दान देने का कोई लाभ नहीं है। यदि दाता और पाता पवित्र भावना वाले हों तो दोनों ही मोक्ष को प्राप्त करते हैं। यह प्रवचन रविवार को राजामंडी स्थित जैन भवन, स्थानक में नेपाल केसरी व मानव मिलन परिवार के संस्थापक जैन मुनि डॉ.मणिभद्र महाराज ने दिए। उन्होंने कहा कि जैन धर्म अतिथि सेवा का विशेष महत्व है। जिस जैन श्रावक को अतिथि सेवा का अवसर मिले, वह वड़ा सौभाग्यशाली होता है। अतिथि वह होता है तो बिना तिथि के यानि, बिना सूचना के घर आ जाए।

लेकिन अतिथि भाव को मोबाइल ने निगल लिया है। बिना सूचना के तो अब कोई भी नहीं आता। सब सूचना देकर ही आते हैं। विशेष रूप से अतिथि तो साधु, संत ही होते थे, जो बिना सूचना दिए, अपने भिक्षा पात्र लिए घर-घर जाते थे, लेकिन उनके आने की भी अब सूचना आ जाती है। उन्हें भी मेहमान बना दिया, क्योंकि मेहमान पूर्व सूचना के ही आते थे। इस प्रकार अतिथि की संस्कृति और परंपरा ही लुप्त हो गई है। विख्यात जैन साध्वी चंदनबाला का विस्तृत प्रसंग सुनाया। जैन मुनि ने कहा कि चंदनबाला का नाम वसुमति था। उसने अपने जीवन अमानुषिक कष्ट सहे, लेकिन धर्म नहीं छोड़ा। भगवान महावीर का आतिथ्य करने पर उसका उद्धार हो गया। वह भगवान महावीर की पहली शिष्या बनीं और जीवन का कल्याण हुआ। महाराज श्री ने स्पष्ट किया कि दान देने वाला देवता व होते हुए भी नहीं देने वाला दानव, लेने वाला दीन कहलाता है। इसलिए दान का मूल्य समझना चाहिए। पैसे से ही दान नहीं दिया जा सकता, मन, वचन और कर्म का दान भी दिया जाता है। उसे ज्यादा से ज्यादा दीजिए। इनसे पूर्व जैन मुनि पुनीत महाराज ने प्रवचन दिए और कहा कि दुनिया का हर व्यक्ति जीवन का कल्याण चाहता है, वह चाहे महान चक्रवर्ती हो या नाली का कीड़ा, लेकिन हम यह नहीं जानते कि धन की शरण में आने से जीवन नहीं सुधरता, धर्म धारण करना होगा, तभी जीवन का उद्धार होगा।

रविवार की धर्मसभा में डॉक्टर मणिभद्र से आशीर्वाद लेने नेपाल के पूर्व शिक्षा एवम सिंचाई मंत्री एवम केंद्रीय सदस्य नेपाली कांग्रेस के नारायण प्रकाश साउद एवम नेपाल के पूर्व संचार मंत्री एवम केंद्रीय सदस्य नेपाली कांग्रेस गोविंद बहादुर शाह के अलावा कोठरी प्रोडक्ट्स लिमिटेड एवम पान पराग इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन एवम प्रबंध निदेशक दीपक कोठारी भी जैन महावीर भवन जैन स्थानक में पधारे थे।

इस चातुर्मास पर्व में नेपाल से आए डॉक्टर मणिभद्र के सांसारिक भाई पदम सुवेदी का सातवें दिन का उपवास जारी है। मनोज जैन लोहामंडी का पांचवे दिन का उपवास चल रहा है। आयंबिल की तपस्या की लड़ी रचना बरार भरतपुर हाउस ने आगे बढ़ाई। रविवार के नवकार मंत्र के जाप का लाभ शशि सुरेंद्र सोनी, आशा जैन एवम सुमन जैन परिवार लोहामंडी ने लिया।

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